प्रथम प्रेम की ममी
मेरे वैचारिक ताजमहल के किसी झरोखे से भूतपूर्व प्रेमिका
जो वर्तमान में किसी की धर्म पत्नी बनकर जीवन निर्वहन कर विवाह सुख भोग रही है,के फ्लाइंग
किस की पट्टियों से लिपटी प्रथम प्रेम की ममी को आज अचानक ही परत दर पर खोलने की जहमत
उठानी पडी।दरारों से राख की हड्डियों के दर्शन हो गये। जैसे जैसे प्रथम प्रेम की ममी
के मृत शरीर की पट्टियाँ खुल रही थी।ससुरा प्रेम का धतकरम अपने किये कारनामों के भीतर
के दर्द को बयां करने के लिये आतुर हो उठा।
वो बोला
-ग्लोबलाइजेशन के युग में अयान क्यों मुझे इस कब्र की म्यान से बाहर निकाल रहा है।क्यों
मुझे नंगा करने में लगा हुआ है।क्यों फ्लर्ट के सामने मेरा पोस्टमार्टम कर रहा है।
मैने कहा सुना है कि ईमानदारी से जो नंगा हो जाता है वो अपनी समाधि को प्राप्त हो जाता
है।दुर्योधन भी अगर गांधारी के सामने अगर नंगा ईमानदारी से हो गया होता तो बेमौत भीम
के हाथों ना मारा जाता।मै बातों ही बातों में बोला कि कुछ वस्तुओं को ज्यादा स्टैंड
बाई में रखने पर वो स्विच आफ हो जाती हैं और मै तुम्हे स्टैंड बाई में ज्यादा देर तक
नहीं रखना चाहता हूं।
उससे मेरी
बातों को सुन कर ना रहा गया। उसने कहा कि ऐ मूर्ख प्रेम तो अंधा होता है।मै तो अंधा,गूंगा
और बहरा तीनों दिव्य गुणों से युक्त हूं। मै कभी प्रथम द्वितीय और तृतीय नहीं होता
हूं। मै तो जीवन में एक ही बार होता हूं और अलग अलग पडाव तय कर जीवन भर अपना सफर तय
करता हूं। अयान तू खुद बता आज के इस जमाने में कहां चिरकुटों के बीच प्रेमालाप तू करने
में लग गया।आज तो मेरी जगह इश्कबाजी नाम की तवायफ ने ले ली है।उसकी चलती फिरती दलाल
फ्लर्ट अपनी चालबाजियों के सहारे हवस की हवेली में मेरे साथ रोज ही बलात्कार करती हैं।मै
तिल तिल कर मर रहा हूं।उसका बात करते करते गला रुंधने लगा।मैने तुरंत उसे एक गिलास
पानी पीने को दिया।वो पानी के दो चार घूंट लगाया और गला साफ करते हुये बोला। यह मेरी
विशंगति है कि मै हमेश हर इंशान की जिंदगी में गलत समय में सही प्रेमिका के साथ पैदा
होता हूं या फिर सही समय पर गलत प्रेमिका के साथ पैदा होकर उसकी मजबूरी बन जाता हूं।
प्रथम प्रेम
की ममी का नग्न रुग्ण शरीर मेरे सामने था।प्रथम प्रेम के प्रतिबिंब के सौंदर्य और मांसल
आनंद मिट्टी में मिल चुका था। उसके अंतर्मन की आवाज और मुखर हुई वो बोला जीवन में प्रथम
प्रेम के बहुत से फायदे भी है।सही समय पर सही प्रेमिका के साथ मेरा जन्म लेना जंगल
में मंगल मनाने की तरह होता है।खुदा ना खास्ता यदि प्रेमिका का विरह मन में समाता है
तो मन भी एकाग्रता के माउंटएवरेस्ट का पर्वतारोही बन जाता है।जहां वो दिन भर अपनी प्रेमिका
के बारे में सोचता था अब वो सफलता रूपी प्रेमिका के बारे में सोच सोच कर उसे प्राप्त
करने का जतन करता है। इस अतिएकाग्रता की एक हानि भी यह है कि अतिएकाग्रता पगलई के रूप
में दिलोदिमाग में हावी होकर प्रेमी को पागलखाने के द्वार खटखटाने के लिये मजबूर भी
कर देता है।
अयान तू
खुद समझ एक जब मेरे अन्य पर्यायवाची इश्क मोहब्बत और प्यार जो खुद अपूर्ण है वो जीवन
को पूर्णता कैसे दे सकते है।वैदिक काल से देव दानव मानव मेरे नाम पर ऐश किये।आज भी
मेरे नाम से हर देश के उद्योग कैश कर रहे हैं।हर पीढी ने पीढी दर पीढी मेरे जैसे अमृत को मीठे जहर में बदल दिया है। मेरे
घुलने से हर रिस्ते में एक भ्रम बना रहता है। जैसे की हर पति पत्नी को पतिव्रता मानने
का भ्रम पालकर पूरा जीवन निर्वहन करता है और यही भ्रम उसके सुखद जीवन का आधार बनता
है। मैने कहा यार तू सढिया गया है,मां बहन बेटी के प्यार को इस श्रेणी में नही रखा
जा सकता है। वो इस तरह के नहीं होते। उसने कहा बेटा अयान ये तेरी वैचारिक म्यान से
निकला मनोवैज्ञानिक भ्रम ही है। समय के साथ हर रिस्ता आज के समय में पुराना होता चला
जाता है। लोहा जितना पुराना होने लगता है जंग लगने का खतरा उतना ही बढता रहता है। वो
बोला अयान इसकी कथा अनंत है,फिर कभी और चलेगा हमारे बीच का बयान।रात्रि का तीसरा पहर
प्रारंभ समाप्त होने को है।मेरे जाने का वक्त हो रहा है।
मैने उसे
उसी तरह दोबारा पट्टियों में कैद किया और एक फ्लाइंग किस से हैप्पी वेलेनटाइन डे की
मुबारकबाद देते हुये बाय बाय कहा।पर उसके जाने के बाद यही सोचता रहा कि मेरा प्रेम
सही समय पर गलत प्रेमिका के साथ था या गलत समय पर सही प्रेमिका के साथ।तभी अचानक फोन
की घंटी बजी,उसनींदे मैने अपनी आंख मींजते हुये रिसीवर उठाया तो उधर से मधुर आवाज आई
कि हैप्पी वेलेनटाइन डे जान।
अनिल अयान,सतना
९४७९४११४०७